गुरुवार, 23 मार्च 2017

कौन हैं मुसलमानों को योगी का डर दिखाने वाले लोग?

 उत्तरप्रदेश  में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद से जिन्हें प्रदेश में मुसलमानों के लिए संकट दिखाई दे रहा है, वे लोग पूर्वाग्रह से ग्रसित तो हैं ही, भारतीय समाज के लिए भी खतरनाक हैं। उनके पूर्वाग्रह से कहीं अधिक उनका बर्ताव और उनकी विचार प्रक्रिया सामाजिक ताने-बाने के लिए ठीक नहीं है। योगी आदित्यनाथ को मुस्लिम समाज के लिए हौव्वा बनाकर यह लोग उत्तरप्रदेश का सामाजिक सौहार्द बिगाडऩा चाहते हैं। योगी आदित्यनाथ सांप्रदायिक हैं, वह कट्टर हैं, मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम की घोषणा के बाद से ही मुस्लिम समुदाय के लोग दहशत में है, अब उत्तरप्रदेश में मुस्लिमों के बुरे दिन आ गए, उन्हें मारा-पीटा जाएगा और उनका शोषण होगा, इस प्रकार की निराधार आशंकाएं व्यक्त करने का और क्या अर्थ हो सकता है? दरअसल, मुसलमानों को योगी आदित्यनाथ का डर दिखाने वाले लोग राजनीतिक और वैचारिक मोर्चे पर बुरी तरह परास्त हो चुके हैं। योगी के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी और लिखत-पढ़त करके यह लोग अपनी हताशा को उजागर कर रहे हैं। राजनीतिक तौर पर निराश-हताश और विभाजनकारी मानसिकता के इन लोगों को समझ लेना चाहिए कि उत्तरप्रदेश की जनता क्या, अब देश भी उनके कुतर्कों को सुनने के लिए तैयार नहीं है। उत्तरप्रदेश के रण में पराजय का मुंह देखने वाली कांग्रेस, बसपा और सपा से कहीं अधिक बेचैनी कम्युनिस्ट खेमे में दिखाई दे रही है। कम्युनिस्ट खेमे के राजनेता, विचारक और पत्रकार ठीक उसी प्रकार के 'फ्रस्टेशन' को प्रकट कर रहे हैं, जैसा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री चुने जाने पर किया गया था। उस समय इन्होंने नरेन्द्र मोदी के नाम पर देश के मुसलमानों को डराने और भड़काने का प्रयास किया, आज योगी आदित्यनाथ के नाम पर कर रहे हैं। देश के मुसलमानों पर न तो नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से कोई खतरा आया है और न ही योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने से कोई संकट खड़ा होने वाला है।
          हिंदुत्व और भारतीय संस्कृति के प्रति घृणा रखने वाला यह समूह एक भगवाधारी को सत्ता के केंद्र में देखकर आहत है। उत्तरप्रदेश की जनता से पड़ी अपनी मार को यह समूह छिपा नहीं पा रहा है। उत्तरप्रदेश में बुरी तरह (लगभग सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त) परास्त होने वाले कम्युनिस्ट इस कदर मानसिक संतुलन खो चुके हैं कि उन्हें कुछ सूझ ही नहीं रहा है। पहले तो वह किसी भी सूरत में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड विजय को स्वीकार करना नहीं चाह रहे थे, उस पर योगी आदित्यनाथ को सूबे की कमान मिलते देख उनके कलेजे पर सांप लौट गया है। इनके दिमागी असंतुलन को देखने के लिए इतना ही ध्यान देना पर्याप्त होगा कि कल तक यह लोग कह रहे थे कि भाजपा को उत्तरप्रदेश में ऐतिहासिक जनाधार विकास के नाम पर नहीं, बल्कि ध्रुवीकरण के कारण मिला है। श्मशान और कब्रिस्तान की लड़ाई में श्मशान जीता है। वहीं, अब यह जोर-जोर से चिल्लाकर कह रहे हैं कि उत्तरप्रदेश में जनता ने भाजपा को विकास के नाम पर वोट दिया था, लेकिन भाजपा ने जनता को धोखा देकर कट्टर हिंदुत्व की लाइन बढ़ाने के लिए योगी को प्रदेश का मुख्यमंत्री बना दिया है। इनकी असलियत और षड्यंत्रकारी बुद्धि का परिचय इस बात से भी मिलता है कि जातिवाद से आजादी का नारा बुलंद करने वाले यह लोग आज एक संन्यासी की जाति खोज रहे हैं। जो व्यक्ति वर्षों पहले समाज के लिए अपना परिवार और परिवेश छोड़ चुका, जो स्वयं ही अपना पिंडदान कर चुका है, उसे 'ठाकुर' बताकर आखिर यह लोग क्या हासिल करना चाहते हैं? भाजपा जब प्रदेश की राजनीति को जाति से ऊपर उठाने का प्रयास कर रही है, तब कम्युनिस्ट हार से खीजकर प्रदेश में जातिगत असंतोष उत्पन्न करने के लिए संन्यासी की जाति खोजकर ले आते हैं। वर्तमान विमर्श को देखें तब पाएंगे कि कम्युनिस्ट अपने ही बयानों, तर्कों और अवधारणाओं में उलझते दिख रहे हैं, जबकि सत्ता संभालते ही योगी आदित्यनाथ ने अपने 'संकल्प पत्र' को पूरा करने की दिशा में काम भी करना शुरू कर दिया है। भाजपा ने चुनाव में एक भी मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया था, लेकिन योगी ने अपने मंत्रिमंडल में मोहसिन रजा को मंत्री बनाकर सबको साथ लेकर चलने का संदेश दे दिया है। एक मुस्लिम को मंत्री बनाया जाना भी 'दुष्प्रचार समूह' के लोगों को बर्दाश्त नहीं है।
          कुछेक बयानों को आधार बनाकर यह लोग योगी आदित्यनाथ को बदनाम कर रहे हैं। निश्चित तौर पर उनके कुछ बयान कड़े हैं, लेकिन समूचा देश यह भी जानता है कि वे बयान अकारण नहीं आए थे। उन बयानों के पीछे एक पीडि़त, आहत और व्यथित मन था। योगी की कट्टर छवि गढऩे वाले मीडिया और कम्युनिस्टों को आज से 10 साल पहले वर्ष 2007 में संसद में दिए गए गोरखपुर के सांसद आदित्यनाथ का आँसुओं से तरबतर पूरा भाषण सुनना चाहिए। प्रोपोगंडा फैलाने में माहिर और हिटलर के सूचना मंत्री गोएबल्स के वंशज यह लोग क्या इस बात का जवाब दे सकते हैं कि संसद में एक संत क्यों फफक-फफक कर रोया था? समाज में संघर्ष पैदा करने की 'थ्योरी' देने वाले और उस अवधारणा को साकार करने में जुटे कम्युनिस्ट यदि जरा भी नैतिकता और ईमानदारी रखते हैं, तब उक्त प्रश्न का उत्तर तलाशें, संभवत: वह योगी आदित्यनाथ के कठोर वचनों की पृष्ठभूमि से परिचित हो जाएंगे। 'सेक्युलर' होने का ढोंग करने वाले विभाजनकारी मानसिकता के लोगों को योगी आदित्यनाथ की वास्तविक छवि देखनी है, तब उन्हें अपनी चौखट से निकलकर गोरखपुर एवं पूर्वी उत्तरप्रदेश में आँगन में आना पड़ेगा और आँखों पर चढ़ा लाल चश्मा उतारकर देखना पड़ेगा कि कैसे योगी आदित्यनाथ जाति-पंथ का भेद किए बिना अपने जनता दरबार में सबको सुनने हैं। वह सबको सुनते ही नहीं है, बल्कि सबकी मदद भी करते हैं। उनकी देखरेख में मठ की ओर से संचालित शिक्षा संस्थानों में हिंदुओं के साथ बिना किसी भेद के मुस्लिम बच्चे भी शिक्षा पा रहे हैं। उनके अस्पताल में मुस्लिम भी स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। यही नहीं, मंदिर परिसर में दुकानों का संचालन कर अनेक मुस्लिम अपनी आजीविका चला रहे हैं। संभव है कि यह बात तो किसी भी प्रकार से कम्युनिस्टों के गले न उतरे कि योगी आदित्यनाथ के विश्वसनीय सेवकों में मुस्लिम बंधु भी शामिल हैं, जो योगी के बेहद नजदीक रहते हैं। जाकिर अली वारसी योगी के दफ्तर में जमीन का रिकॉर्ड संभालते हैं। युवा मोहम्मद मौन आश्रम में गायों की देखभाल करते हैं। वहीं, 70 वर्षीय मोहम्मद यासीन मठ और उसके बाहर सभी निर्माण कार्यों के प्रभारी हैं। बहरहाल, मुसलमानों को योगी आदित्यनाथ के नाम और उनके वस्त्रों के रंग का भय दिखाने वाले 'असल सांप्रदायिक' लोगों को समझना चाहिए कि वह पूरी तरह 'एक्सपोज' हो चुके हैं। अब उनके प्रोपोगंडा सफल होंगे, इसकी गुंजाइश कम ही है। इन लोगों को आईने के सामने से हटकर उत्तरप्रदेश के मुसलमानों के चेहरों को गौर से देखना चाहिए, मुसलमानों के चेहरों पर उन्हें कहीं कोई शिकन दिखाई नहीं देखी, बल्कि उन्हें ऐसा मुसलमान दिखाई देखा जो प्रदेश में सबके साथ और सबके विकास के प्रति आश्वस्त है।

5 टिप्‍पणियां:

  1. EXPOSE THE CONSPIRACY! GOD AND THE DEVIL ARE BACKWARDS!! DON'T LET GUILT-FEELINGS, FEAR AND OTHER KINDS OF EMOTIONAL MANIPULATION RULE YOUR CHOICES IN LIFE!!

    http://joyofsatan.org/
    http://exposingchristianity.org/
    https://exposingthelieofislam.wordpress.com/
    http://www.666blacksun.net/

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  2. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन ’क्या वीरों की आज कूच करने की तैयारी है? ब्लॉग बुलेटिन’ में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...

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